Monday, May 2, 2011

पंकज मलिक साहब का गाया हुआ एक गीत...


"ये रातें, ये मौसम, ये हंसना-हंसाना", पंकज मलिक साहब का गाया हुआ एक गीत सुनें. इस गीत के शब्द मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, बहुत कोमल शब्द रचना है. इन्हीं का गाया हुआ एक गीत है "हुआ आंख और दिल में झगड़ा". इस गीत का आर्केस्ट्राइजेशन कमाल का है, मुझे तो सम्मोहित सा कर लिया इस गीत ने. अगली दफा आपको सुनवाऊंगा.

5 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर गीत, सुनने में आनन्द आ गया।

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  2. Kuch dinon pahle hi ye geet ek puraane geeton ke program mein suna tha ... mazaa aa gaya dubaara sun ke ...

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  3. मुझे याद है, रेडियो सीलोन से ’पिया-मिलन को जाना’ नियमित बजता रहा ।
    सुनते सुनते मुझे कँठस्थ हो गया, आज भी मेरा प्रिय गीत है ।
    मॉडरेशन नीति पर मेरा मान रखने का शुक्रिया !

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मैंने अपनी बात कह दी, आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है. अग्रिम धन्यवाद.