ढाई वर्ष से अधिक दूर रहने के बाद ब्लॉग पर वापसी। कृपया यह बताएं कि ब्लॉगवाणी या चिट्ठाजगत जैसा कोई एग्रीगेटर आया या नहीं। इन दोनों एग्रीगेटर के चलते कई अच्छे ब्लॉग पढ़ने को मिलते थे जिनके बारे में पहले से कोई सूचना नहीं होती थी। मुझे नहीं पता कि इनका कोई विकल्प आया या नहीं। यदि आया हो कृपया अवश्य बताएं।
जय श्री राम।
जय श्री राम।
हमारीवाणी फिर से आ गया है।
ReplyDeleteआपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि- आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (14-10-2016) के चर्चा मंच "रावण कभी नहीं मरता" {चर्चा अंक- 2495} पर भी होगी!
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
महोदय, हमारीवाणी का लिंक देने की कृपा करें।
Deletehttps://bulletinofblog.blogspot.in/
ReplyDeleteब्लौगबुलेटिन ।
http://charchamanch.blogspot.in/
चर्चामंच ।
http://halchalwith5links.blogspot.in/
पाँच लिंको का आनन्द ।
http://www.hamarivani.com/
ReplyDeleteपुराने दिनों में ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत ने हिंदी ब्लॉगिंग को जो पहचान दी, उसकी कमी आज भी महसूस होती है। फिलहाल वैसा मजबूत और सक्रिय एग्रीगेटर नज़र नहीं आता, इसलिए नए ब्लॉग खोजने में पहले जैसी आसानी नहीं रही। बहरहाल, मेरा यहाँ आने का एक कारण और भी है। हम लोग मुंशी प्रेमचंद जी की आगामी पुण्यतिथी ३१ जुलाई २०२६ के अवसर पर प्रेमचंद महोत्सव के अंतर्गत "५० दिनों में ५० कहानियाँ" बनाने, सुनाने (और जुटाने की भी!) की ओर प्रयासरत है. अगर आपकी रूचि हो तो इस अभियान में आपका सहर्ष स्वागत है.
ReplyDeleteअधिक जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी - HindiDiscussionForum dot com
धन्यवाद!
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