"ये रातें, ये मौसम, ये हंसना-हंसाना", पंकज मलिक साहब का गाया हुआ एक गीत सुनें. इस गीत के शब्द मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, बहुत कोमल शब्द रचना है. इन्हीं का गाया हुआ एक गीत है "हुआ आंख और दिल में झगड़ा". इस गीत का आर्केस्ट्राइजेशन कमाल का है, मुझे तो सम्मोहित सा कर लिया इस गीत ने. अगली दफा आपको सुनवाऊंगा.